सोमवार, 9 अप्रैल 2018

कर्म ही पूजा है।


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दोस्तों जब तक आप अपना कार्य करेंगे तभी तक लोग आपका इज्जत करेंगे। जिस दिन आप अपना कार्य करना बंद कर देंगे उस दिन से दुसरे तो दूर अपने भी आपका इज्जत करना बंद कर देंगे। इस लेख में यही बताया गया है की किसी व्यक्ति के लिए कार्य कितना जरुरी होता है और क्यों कर्म ही पूजा है ।

शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होते हैं।

इस लेख में स्वामी विवेकानंद जी का एक ऐसी घटना शेयर की गयी है जिसको पढ़ने के बाद आपको विश्वास हो जायेगा की जिसका कोई नहीं होता उसका भगवान होते हैं।

शनिवार, 10 फ़रवरी 2018

किसी कार्य को लम्बे समय तक लगातार कैसे करें।

इस लेख में यह बताया गया है की लगातार कार्य करने से कौन - कौन सी परेशानी आती है तथा इन परेशानियों को हल कैसे किया जाये।

बुधवार, 24 जनवरी 2018

लालच बुरी बला है।

दोस्तों आज मैं आप लोगों को  ऐसी कहानी बताऊंगा जिसको पढ़ने के बाद यह सिद्ध हो जायेगा की लालच करना बुरी बला है।

रविवार, 14 जनवरी 2018

उतना ही कार्य करें जितनी क्षमता हो।

दुनिया में बहुत से लोग  ऐसे होते हैं जो अपनी क्षमता से ज्यादा  कार्य करते हैं। क्या ये लोग अपनी क्षमता से ज्यादा मेहनत करके सफलता प्राप्त कर लेते हैं ? बहुत से लोगों का जवाब होगा क्यों नहीं सफल होंगे ये लोग इतना कठिन परिश्रम जो करते हैं। लेकिन ये जवाब बिलकुल गलत है। मैं इस लेख में यह बताऊंगा कि यह जवाब गलत क्यों है और क्यों उतना ही कार्य करें जितनी क्षमता हो। 

शुक्रवार, 5 जनवरी 2018

सफल होना है तो फायदा और नुकसान का अवलोकन करें।

जाड़े का समय था। महाराज अकबर ने अपने नगर में ऐलान करवा दिया कि जो भी व्यक्ति बिना किसी सहारे के नदी में रात भर रह जायेगा उसे उचित इनाम दिया जायेगा। ठण्ड इतनी तेज थी कि कोई भी व्यक्ति नदी में रात भर रहने को तैयार नहीं था। सभी को  इस बात का डर था कि  इतनी ठंडी में नदी में खड़ा  रहने का मतलब खुद मौत के मुँह में जाना है। लेकिन कहा गया है कि मजबूरी आदमी से कुछ भी करवा सकती है। जब व्यक्ति के ऊपर कोई गंभीर मुसीबत रहती है तो वह उस मुसीबत से निकलने के लिए अपनी जान तक का भी परवाह नहीं करता।

सोमवार, 25 दिसंबर 2017

लोगों के प्रति व्यवहार को बेहतर कैसे बनाएं।

कोई भी व्यक्ति हर कार्य को अकेले नहीं कर सकता , चाहे वह अमीर हो या गरीब , ताकतवर हो या कमजोर , बुद्धिमान हो या मुर्ख।  हर व्यक्ति को कभी न कभी किसी का सहारा लेना पड़ता है। मुसीबत के समय किसी व्यक्ति को हजारों लोग सहायता करने के लिए तैयार हो जाते हैं जबकि कुछ व्यक्ति ऐसे होते हैं जिनका सहायता करने के लिए एक भी लोग तैयार नहीं होते। ऐसा क्यों होता है ? ऐसा होने का तो बहुत कारण है लेकिन सबसे बड़ा कारण लोगों के प्रति अपना व्यवहार है।